कोई असर नहीं हुआ मेरे सिफारिश का वह अपनी जिद ठानकर बैठी है मेरे बातों को सुनकर नजरअंदाज किए जा रही है तुम्हारी मोहब्बत को अपने दिल से हम कभी मिटा नहीं सकते तुम्हारे एहसान की कीमत कभी चुका नहीं सकते तुम्हारे प्यार से जिंदगी मिली है खुलकर जीना चाहता हूं
Hindi shayari Masti Manoranjan