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कोई असर नहीं हुआ

कोई असर नहीं हुआ मेरे सिफारिश का वह अपनी जिद ठानकर बैठी है मेरे बातों को सुनकर नजरअंदाज किए जा रही है

तुम्हारी मोहब्बत को अपने दिल से हम कभी मिटा नहीं सकते तुम्हारे एहसान की कीमत कभी चुका नहीं सकते


Shayari sangrah Gorakhpur

तुम्हारे प्यार से जिंदगी मिली है खुलकर जीना चाहता हूं

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